50वाँ विश्व वेटलैण्ड दिवस आज

भोपाल
पर्यावरण मंत्री हरदीप सिंह डंग ने बताया है कि केन्द्र शासन द्वारा 100 दिवसीय वेटलैण्ड संरक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण में मध्यप्रदेश के भोज वेटलैण्ड भोपाल और सिरपुर वेटलैण्ड इंदौर का चयन किया गया है। दूसरे चरण में राज्य वेटलैण्ड द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिले से 120 तालाबों का चयन कर भारत सरकार को योजना तैयार करने के लिये भेजा गया है। उक्त सभी तालाबों के हेल्थ कार्ड्स तैयार कर केन्द्र शासन को भेजे जा रहे हैं।

भोपाल का भोज वेटलैण्ड (बड़ा एवं छोटा तालाब) प्रदेश का एकमात्र घोषित रामसर साइट है। तालाब, झील, वेटलैण्ड और सभी जलीय संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन के लिये पर्यावरण विभाग 2 फरवरी को विश्व वेटलैण्ड दिवस की 50वीं वर्षगाँठ मना रहा है। विश्व में जलीय संसाधनों के प्रति बढ़ती मानवीय लापरवाही और उपेक्षा के कारण मनुष्य और प्रकृति के बीच पर्यावरण संतुलन को बनाये रखने के लिये ईरान के रामसर शहर में 2 फरवरी, 1971 को रामसर संधि पर हस्ताक्षर किये गये। इसके कारण इस दिन को विश्व वेटलैण्ड दिवस के रूप में मनाया जाता है।

प्रदेश में एमपीसीए योजना के अंतर्गत शिवपुरी के तालाब, सिंध सागर तालाब, अशोकनगर, सिरपुर वेटलैण्ड इंदौर, भोज वेटलैण्ड भोपाल में योजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं। अमृत सागर तालाब रतलाम में 21 करोड़ एवं सीतासागर तालाब दतिया के लिये 14 करोड़ की राशि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संरक्षित योजना के तहत स्वीकृत की गयी है।

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