मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश जिलों की मंथली रिपोर्ट से विभागों की रैंकिंग करे

भोपाल
प्रदेश में सभी 52 जिलों में हर विभाग अपने काम की मासिक रिपोर्ट तैयार करेगा। यह रिपोर्ट विभाग के जिला अधिकारी अपने विभागाध्यक्ष को भेजेंगे। विभागाध्यक्ष इसकी ग्रेडिंग कर राज्य शासन को रिपोर्ट करेंगे। इसके आधार पर विभाग के परफार्मेंस का मूल्यांकन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद कई विभागों ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है और जिलों से रिपोर्ट मांगी है।

मुख्यमंत्री चौहान ने चार जनवरी को कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस में कहा था कि हर जिले में कलेक्टर्स स्थानीय स्तर पर जिले के विकास की योजनाएं बनाएं। योजनाओं की नियमित मॉनीटरिंग हो। कमिश्नर और आईजी भी अपने अधिकार क्षेत्र में सभी कार्यों पर नजर रखें। विकास का वार्षिक प्लान तैयार करना है। एक अप्रैल से इस प्लान पर चलना है। हर माह समीक्षा होगी। इसी आधार पर जिले की रेटिंग होगी, विभागों की भी रेटिंग होगी। जिले और विभागों की रेटिंग को लेकर सीएम के निर्देश के बाद अब हर विभाग ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है।

सीएम चौहान ने सीएम डैशबोर्ड के जरिये भी विभागों, जिलों और योजनाओं की रैंकिंग और समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। सीएम डैशबोर्ड पोर्टल में जो प्रमुख मुद्दे शामिल किए गए हैं, उनमें जिला डैश बोर्ड, सुशासन, प्रमुख योजनाएं, परियोजनाएं, परियोजनाएं और विभागीय काम, वित्तीय प्रबंधन, एप्लीकेशन/इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड, जिला रैंकिंग, डैशबोर्ड शामिल हैं।

खनिज साधन विभाग द्वारा सभी जिला अधिकारियों को दिए निर्देश में कहा गया है कि सीएम के निर्देश के परिप्रेक्ष्य में जिला स्तर पर कार्यालयों द्वारा किए जा रहे काम का प्रतिमाह मूल्यांकन किया जाना है। विभाग ने जिला कार्यालयों के काम के मापदंड तय किए हैं। इन मापदंडों के आधार पर जिला कार्यालय द्वारा कराए गए काम की रैंकिंग कराई जाएगी। खनिज साधन विभाग ने सभी कलेक्टरों को रैंकिंग के लिए जो मापदंड भेजे हैं, उसमें खनिज राजस्व के संबंध में तय टारगेट और की गई कार्यवाही के साथ पिछले साल संबंधित माह में मिले राजस्व की जानकारी देना होगी। इसी तरह मुख्य खनिज और गौण खनिज के कर निर्धारण के मामले में स्वीकृत खनि पट्टों की संख्या, कर निर्धारण संख्या, एक अप्रेल 2020 की स्थिति में बकाया राशि और उसके बाद की गई बकाया वसूली, खनि रियायत के आवेदन, निराकरण और अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण के मामले में दर्ज और निराकृत किए गए प्रकरणों की संख्या और निराकरण के प्रतिशत की जानकारी भेजना होगी।

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