नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा, रामपुर में आजम खां के करीबियों समेत 110 के खिलाफ चार्जशीट

रामपुर  
रामपुर में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा में पुलिस ने 110 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें सपा सांसद आजम खां के कई करीबी भी शामिल हैं। हिंसा में उपद्रवियों ने थाना प्रभारी की जीप समेत पुलिस के छह वाहनों को फूंक दिया था, जबकि उपद्रवियों की ओर से की गई फायरिंग में एक युवक की गोली लगने से मौत भी हुई थी। तब से पुलिस आरोपियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। 

केन्द्र सरकार ने दिसंबर माह में नागरिकता संशोधन कानून बनाया था। एनआरसी की प्रक्रिया भी चल रही थी। इसका विरोध किया गया था। उलेमाओं ने विरोध के लिए ईदगाह मैदान में 21 दिसंबर को जलसा बुलाया था, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। अनुमति को लेकर तीन तक उलेमा और अफसरों में वार्ता हुई थी। आखिरकार 20 दिसंबर की रात को जलसा स्थगित कर उलेमाओं ने शहर में ऐलान करा दिया था। फिर भी भीड़ को रोकने का पुलिस-प्रशासन ने पूरा इंतजाम किया था। ईदगाह के आसपास बैरीकेडिंग करा दी गई थी और शहर में फोर्स को तैनात कर दिया था, लेकिन ईदगाह समेत कई स्थानों पर हजारों की भीड़ जमा हो गई थी। 

हाथीखाना चौराहे पर भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था। पथराव, आगजनी और फायरिंग हुई थी। भीड़ ने थाना प्रभारी भोट की जीप और कई पुलिस कर्मियों की बाइकें जला दी थीं। कुछ पुलिस कर्मियों ने घरों में बंद होकर जान बचाई थी। गोली लगने से युवक फैज की मौत हो गई थी और कई पुलिस भी घायल हुए थे।

इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें 211 को नामजद किया गया था और हजारों अज्ञात आरोपी थे। पुलिस ने सौ से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शहर कोतवाली पुलिस ने 58 और गंज कोतवाली पुलिस ने 52 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इनमें सांसद आजम खां के कई करीबी भी शामिल हैं।

एसपी शगुन गौतम का कहना है कि हिंसा के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। शहर और गंज कोतवाली पुलिस ने 110 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल कर दी है। केस की विवेचना जारी है। 

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