चुनाव न करवाने के लिए भाजपा पर कांग्रेस बनाएगी प्रेशर

भोपाल
विधानसभा में अब कांग्रेस अपने दल से उपाध्यक्ष बनवाने के लिए जोड़तोड़ करेगी।  इसके लिए कमलनाथ मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। वे विधानसभा सत्र से पहले विधायक दल की बैठक में अपनी ओर से उपाध्यक्ष का नाम तय कर, यह प्रयास करेंगे कि भाजपा उनका उपाध्यक्ष बनवा दे। सूत्रों की मानी जाए तो दिल्ली से यह निर्देश दिए गए हैं कि पार्टी यह प्रयास करे कि विधानसभा में उपाध्यक्ष का पद कांग्रेस को मिले। इसके लिए नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ को बातचीत करने के लिए कहा गया है। प्रदेश में आमतौर पर यह परम्परा रही है कि विधानसभा में उपाध्यक्ष मुख्य विपक्षी दल का होता है।

दिसम्बर अंत में होने वाले तीन दिवसीय विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें विधानसभा में आने वाले अध्यादेशों पर कांग्रेस की क्या भूमिका होगी यह तय किया जाएगा। साथ ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध करवाने के लिए सदन में परम्पराओं को याद दिलाने की जिम्मेदारी कुछ सीनियर विधायकों को दी जाएगी। ये विधायक विधानसभा में अपने तरीके से  बताएंगे कि परम्परा रही है कि अध्यक्ष का पद सत्ताधारी दल को और उपाध्यक्ष का पद विपक्षी दल को दिया जाता है।

कमलनाथ सरकार बनने के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष के पद पर कांग्रेस की ही विधायक हिना कांवरे काबिज हुई थी। इस पद के लिए चुनाव हुआ था। जिसमें हिना कांवरे ने जगदीश देवड़ा को हराया था। हालांकि कांग्रेस का दावा था कि उसने उपाध्यक्ष का चुनाव इसलिए करवाना क्योंकि भाजपा ने स्पीकर को निर्विरोध चुनने की परम्परा की जगह पर अपनी ओर से विजय शाह को खड़ा कर चुनाव करवाया था। इसलिए उसने उपाध्यक्ष के पद पर भी चुनाव करवाया। अब कांग्रेस को यही डर है कि यदि उपाध्यक्ष के पद पर चुनाव हुआ तो उसे यह विधानसभा में न तो स्पीकर का पद मिलेगा और न ही उपाध्यक्ष का पद मिलेगा।

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