उच्च शिक्षा विभाग: निजी कॉलेज की फीस जमा नहीं होने पर छाया सैलरी संकट

भोपाल
उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी-पीजी में प्रवेश तो करा दिए, लेकिन अभी तक फीस जमा करने को लेकर स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए हैं। इससे जहां विद्यार्थी फीस जमा करने को लेकर असमंजस में बने हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ कालेजों में फीस के अभाव में आर्थिक संकट बढ़ने लगा है।  प्रदेश के 1406 निजी और सरकारी कालेजों में विभाग ने कोरोना काल को ध्यान में रखते हुए एक हजार या उसे कम होने पर पांच लाख 60 हजार विद्यार्थियों के प्रवेश करा दिए हैं। अभी तक शेष फीस जमा करने को लेकर कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए हैं।

फीस के अभाव में जहां निजी कालेजों की आर्थिक स्थिति चरमराने लगी है। वहीं सरकारी कालेजों के संचालित सेल्फ फायनेंस कोर्स पर संकट दिखने लगा है। पूरी फीस नहीं मिलने से निजी कालेज आनलाइन क्लासेस लेने वाले प्रोफेसरों को सैलरी देने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरकारी कालेजों प्राचार्यों को सेल्फ फायनेंस के अतिथि विद्वानों के साथ लैब अटेंडर और अन्य स्टाफ को सैलरी निकालने में मानिष्क कसरत करना पड़ रही है।

कालेजों में विद्यार्थी अपनी शेष जमा करने के लिए कालेज पहुंच रहे हैं। विभाग ने फीस जमा करने को लेकर कोई साफ आदेश नहीं दिए हैं। इसलिए प्राचार्य उनकी फीस जमा नहीं कर रहे हैं। क्योंकि कई विद्यार्थियों ने तर्क दिया है कि वे अपने घर चले जाएंगे। इसके चलते विभाग द्वारा तिथि में फीस देने में परेशानी उठा सकते हैं।

सरकारी कालेजों में जीरो प्रॉफिट पर सेल्फ फायनेंस कोर्स चलते हैं। इसलिए वर्तमान सत्र 2020-21 में उक्त कोर्स में सैलरी देने के लिए प्राचार्यों को पर्याप्त फीस ही नहीं मिली है। क्योंकि विभाग ने एक हजार रुपए फीस पर प्रवेश देने के आदेश दिए थे। फीस नहीं मिलने के दशा में विभाग सेल्फ फायनेंस कोर्स के खर्च कैसे वहन करेंगे। इस संबंध में विभाग ने अभी तक कोई आदेश जारी नहीं किए हैं। हालांकि प्राचार्य के जानभागीदारी या अन्य मदों से सैलरी देने की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन निजी कालेजों में सैलरी देने के लिए फीस के अलावा कोई साधन ही मौजूद नहीं हैं।

सेल्फ फायनेंस से चलने वाले स्नातक (यूजी) में 25 और स्नातकोत्तर (पीजी) में दस से कम प्रवेश होने पर कालेज प्राचार्यों को परेशानी उठाना  पडेÞगी, क्योंकि उक्त से कम प्रवेश होने पर विभाग उन्हें आगामी सत्र में बंद कर देगा।  विभाग एक हजार के बाद शेष फीस को दो किस्तों में जमा करने की व्यवस्था करेगा। ये फीस विभाग जनवरी और फरवरी में जमा कराएगा। इससे कालेजों को आर्थिक संकट से उभारने की बात कही जा रही है।

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